लगभग 5-10 ग्राम मेथी के बीजों को सुबह-शाम गुड़ में मिलाकर सेवन करने से कमजोरी मिट जाती है।
छाछ
छाछ पीने से स्रोतों, मार्गों की शुद्धि होकर रस का भलीप्रकार संचार होने लगता है तथा आंतों से संबन्धित कोई रोग नहीं होता है। नियमित रूप से छाछ पीने से शरीर की पुष्टि, बल, प्रसन्नता और चेहरे की चमक बढ़ती है। पिसी हुई अजवायन, कालानमक और छाछ
तीनों को मिलाकर भोजन के अन्त में नित्य कुछ दिनों तक पीने से लाभ होता है। छाछ में कालीमिर्च और नमक मिलाकर भी पी सकते हैं।
अंजीर
पके अंजीर को बराबर की मात्रा में सौंफ के साथ चबा-चबाकर किया गया नियमित सेवन 40 दिनों में सारी शारीरिक दुर्बलता दूर कर देता है। अच्छे पके हुए दो वजनदार अंजीर (अच्छा अंजीर वजन में लगभग 70 ग्राम का होता है।) मिश्री के साथ सुबह के समय खाना चाहिए इससे कमजोरी और गर्मी से राहत मिलती है। अंजीर को दूध में उबालकर-उबाला हुआ अंजीर खाकर वही दूध पीने से शक्ति में वृद्धि होती है तथा खून भी बढ़ता है।
4. टमाटर का सूप भूख को बढ़ाता है। यह खून की कमी को दूर करता है। थकावट व कमजोरी दूर करता है और चेहरे पर रौनक लाता है।
दूध
स्त्री-प्रसंग करने के बाद एक गिलास दूध में पांच बादाम पीसकर मिलाएं और एक चम्मच देशी घी डालें और पी जाएं। इस प्रयोग से बल मिलता है। नामर्दी दूर करने के लिए सर्दियों के मौसम में आधा ग्राम केसर डालकर पीना चाहिए।
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